नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले तिरुपति लड्डुओं में कथित मिलावट के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में भोले बाबा डेयरी के पूर्व निदेशक विपिन जैन और पोमिल जैन, वैष्णवी डेयरी के अपूर्व चावड़ा और एआर डेयरी के राजू राजशेखरन शामिल हैं।
गिरफ्तारी की जानकारी
एक अधिकारी ने रविवार देर रात कहा, “चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दो व्यक्ति (विपिन जैन और पोमिल जैन) भोले बाबा डेयरी से हैं, अपूर्व चावड़ा वैष्णवी डेयरी से और राजू राजशेखरन एआर डेयरी से जुड़े हुए हैं।”
घी सप्लाई में गड़बड़ी की जानकारी
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जांच में घी सप्लाई के हर चरण में गड़बड़ियां पाए जाने के कारण ये गिरफ्तारियां की गईं। आरोप है कि वैष्णवी डेयरी के अधिकारियों ने मंदिर को घी सप्लाई करने के लिए एआर डेयरी के नाम से निविदा हासिल की और प्रक्रिया में हेराफेरी करने के लिए फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए।
झूठा दावा और आपूर्ति की असल स्थिति
एसआईटी की जांच से यह खुलासा हुआ कि वैष्णवी डेयरी ने यह झूठा दावा किया था कि वह भोले बाबा डेयरी से घी प्राप्त करती है, जबकि अधिकारियों ने पाया कि भोले बाबा डेयरी के पास तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की मांग को पूरा करने की क्षमता नहीं थी।
पशु चर्बी के इस्तेमाल का आरोप
सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में तिरुपति लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच करने के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इस टीम में केंद्रीय एजेंसी के दो अधिकारी, आंध्र प्रदेश पुलिस के दो अधिकारी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का एक अधिकारी शामिल था।
मुख्यमंत्री नायडू के आरोप
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर में आरोप लगाया था कि राज्य में वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशु चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। नायडू के इस बयान से एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
उच्चतम न्यायालय की पहल
भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी और वाईएसआरसीपी (युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी) के राज्यसभा सदस्य वाई वी सुब्बा रेड्डी सहित अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय ने 4 अक्टूबर को आदेश दिया था कि तिरुपति लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच एसआईटी करेगी। इस जांच की निगरानी सीबीआई निदेशक द्वारा की जाएगी।